एसेट टोकनीकरण
एसेट टोकनीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी भौतिक एसेट से जुड़ा डिजिटल टोकन बनाया जाता है और भौतिक एसेट के मूल्य को डिजिटल टोकन में स्थानांतरित किया जाता है।
इससे स्वामित्व को ट्रैक और हस्तांतरित करना आसान होता है तथा पारदर्शिता और सुरक्षा बेहतर होती है। डिजिटल टोकन ब्लॉकचेन इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके बनाए जाते हैं, जिससे स्वामित्व की ट्रैकिंग और हस्तांतरण दृश्यमान तथा सत्यापन योग्य बनता है।
टोकनीकरण के प्रकार
फंजिबल एसेट टोकनीकरण
ऐसे एसेट्स के लिए टोकन बनाए जाते हैं जो विनिमेय और विभाज्य होते हैं। उदाहरणों में सोना, तेल, खाद्यान्न और वित्तीय उपकरण जैसी कमोडिटी शामिल हैं।
नॉन-फंजिबल एसेट टोकनीकरण
ऐसे एसेट्स के लिए टोकन बनाए जाते हैं जो विशिष्ट, अविनिमेय और अविभाज्य होते हैं। उदाहरणों में कलाकृति, रियल एस्टेट, पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट शामिल हैं।
टोकनाइज किए जा सकने वाले एसेट्स के उदाहरण
- कमोडिटी: सोना, चांदी, तेल, अनाज
- वित्तीय और बौद्धिक संपदा एसेट्स: पेटेंट, रॉयल्टी, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क
- वास्तविक दुनिया की वस्तुएं: फाइन आर्ट, ऑटोमोबाइल, FMCG उत्पाद, रियल एस्टेट