क्लाउड सुरक्षा का अवलोकन
क्लाउड सुरक्षा का अवलोकन
क्लाउड सुरक्षा, क्लाउड-आधारित प्रणालियों, डेटा, एप्लिकेशन, पहचानों और वर्कलोड को खतरों तथा दुरुपयोग से सुरक्षित रखने की प्रक्रिया है।
क्लाउड प्रदाता बड़े निजी नेटवर्क, समर्पित बैकबोन कनेक्टिविटी और बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन करते हैं, लेकिन सुरक्षा को फिर भी कई स्तरों में डिजाइन किया जाना चाहिए। संगठनों को प्रदाता के वातावरण के साथ-साथ अपने वर्कलोड, पहचानों, एप्लिकेशन और डेटा की भी सुरक्षा करनी चाहिए।
मुख्य सुरक्षा क्षेत्र
- भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा
- वर्चुअलाइजेशन और हाइपरवाइजर सुरक्षा
- नेटवर्क सुरक्षा
- पहचान और एक्सेस नियंत्रण
- डेटा सुरक्षा और एन्क्रिप्शन
- अनुपालन और गवर्नेंस
- खतरे का पता लगाना और प्रतिक्रिया
क्लाउड की सुरक्षा और क्लाउड में सुरक्षा
क्लाउड सुरक्षा को दो पूरक दृष्टिकोणों से देखा जाता है।
क्लाउड की सुरक्षा (प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षा)
क्लाउड सेवा प्रदाता द्वारा मुख्यतः संचालित नियंत्रण, जो अंतर्निहित प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा करते हैं:
- साझा जिम्मेदारी मॉडल
- सुविधाएँ और भौतिक सुरक्षा
- हार्डवेयर सुरक्षा
- वर्चुअलाइजेशन सुरक्षा
- क्लाउड की मूल कनेक्टिविटी सुरक्षा
- क्लाउड प्रबंधन प्लेन और API सुरक्षा
- व्यावसायिक निरंतरता और आपदा पुनर्प्राप्ति
क्लाउड में सुरक्षा (सेवा सुरक्षा)
प्लेटफ़ॉर्म पर बनाए और चलाए गए संसाधनों की सुरक्षा के लिए ग्राहकों द्वारा लागू नियंत्रण:
- क्लाउड सुरक्षा के आधारस्तंभ
- क्लाउड नेटिव एप्लिकेशन प्रोटेक्शन प्लेटफ़ॉर्म (CNAPP), जिसमें CWPP, CSPM और SSPM शामिल हैं
- सिक्योर एक्सेस सर्विस एज (SASE), जिसमें SWG, CASB और ZTNA शामिल हैं
- क्लाउड पहचान और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एंटाइटलमेंट मैनेजमेंट (CIEM)
- क्लाउड डेटा सुरक्षा