क्लाउड कंप्यूटिंग की आवश्यक विशेषताएँ / Cloud Computing Essential Characteristics




1. व्यापक नेटवर्क पहुँच / Broad Network Access

क्लाउड कंप्यूटिंग के सभी संसाधन किसी नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध होते हैं, ताकि उन्हें सीधे भौतिक रूप से पहुँचने की आवश्यकता के बिना प्रबंधित और उपयोग किया जा सके। यह नेटवर्क सेवा का हिस्सा होना आवश्यक नहीं है। क्लाउड संसाधन कहीं से भी पहुँच योग्य होने चाहिए, हालांकि उन पर पहुँच नीतियों के माध्यम से नियंत्रण लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, क्लाउड सेवा प्रदाताओं के पास अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद अपने संसाधनों के बीच सुरक्षित नेटवर्क कनेक्टिविटी होनी चाहिए।

2. तीव्र लोचशीलता / Rapid Elasticity

  • उपभोक्ता साझा संसाधन पूल से उपयोग किए जाने वाले संसाधनों को बढ़ा या घटा सकता है।

  • संसाधनों का बढ़ना या हटना सामान्यतः स्वचालित रूप से होता है।

  • इससे ग्राहक संसाधनों की खपत को अपनी आवश्यकता के अधिक निकट रख सकते हैं।

  • तीव्र लोचशीलता को दो प्रकार के स्वचालित स्केलिंग का समर्थन करना चाहिए:

    • वर्टिकल स्केलिंग
    • हॉरिजॉन्टल स्केलिंग
  • वर्टिकल स्केलिंग: मौजूदा सिस्टम में संसाधनों की मात्रा बदलना।

  • हॉरिजॉन्टल स्केलिंग: नए संसाधन जोड़कर क्षमता बदलना। नए संसाधन उसी स्थान या किसी नए स्थान पर हो सकते हैं।

3. मापी गई सेवा / Measured Service

उपभोक्ताओं को केवल उन्हें आवंटित संसाधनों का उपयोग करने देना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर उसके लिए शुल्क लेना चाहिए। क्लाउड संसाधन पानी और बिजली की तरह खपत किए जाते हैं, इसलिए इसे यूटिलिटी कंप्यूटिंग भी कहा जाता है, जहाँ उपयोग के अनुसार भुगतान किया जाता है। क्लाउड संसाधनों की माप की इकाई स्पष्ट रूप से परिभाषित होनी चाहिए और किसी निश्चित बिलिंग अवधि के लिए अनुमानित उपयोग लागत प्रबंधन प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाई जानी चाहिए।

4. ऑन-डिमांड सेल्फ सर्विस / On-Demand Self Service

क्लाउड उपभोक्ता के पास ऐसी सेल्फ-सर्विस सुविधा होनी चाहिए जिससे वह क्लाउड सेवा प्रदाता के ग्राहक सेवा प्रशासकों से संपर्क किए बिना अपने संसाधनों का प्रबंधन कर सके। क्लाउड सेवा प्रदाता संसाधनों तक पहुँच और उनके प्रबंधन के लिए Management Plane के माध्यम से यह सुविधा देते हैं।

प्रबंधन प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँच के तरीके:

  • वेब कंसोल (Web Console)
  • एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस (API)
  • सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK)

5. संसाधन पूलिंग / Resource Pooling

क्लाउड सेवा प्रदाता हार्डवेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर से संसाधनों का पूल बनाकर उन्हें अमूर्त रूप (abstracted format) में उपलब्ध कराते हैं। यह अमूर्तता वर्चुअलाइजेशन के माध्यम से लागू की जाती है। उपभोक्ता आवश्यकता के अनुसार संसाधन पूल से संसाधन आवंटित और उपलब्ध कराने के लिए स्वचालित ऑर्केस्ट्रेशन का उपयोग करते हैं।

6. मल्टीटेनेंसी / Multitenancy

क्लाउड कंप्यूटिंग स्वाभाविक रूप से मल्टीटेनेंट होती है। कई अलग-अलग उपभोक्ता एक ही संसाधन पूल साझा करते हैं, लेकिन प्रत्येक उपभोक्ता अलग और पृथक रहता है। पृथक्करण सेवा प्रदाताओं को विभिन्न समूहों के बीच संसाधन पूल से संसाधन अलग करके साझा करने देता है। आइसोलेशन यह सुनिश्चित करता है कि एक उपभोक्ता दूसरे के संसाधनों को देख या बदल नहीं सकता। मल्टीटेनेंसी का उपयोग किसी व्यवसाय या संस्था के भीतर अलग-अलग विभागों के बीच, अथवा अलग-अलग संस्थाओं के बीच संसाधनों को विभाजित और साझा करने के लिए किया जाता है।