असिमेट्रिक की एन्क्रिप्शन
असिमेट्रिक की एन्क्रिप्शन

हर व्यक्ति के पास दो कुंजियाँ होती हैं — सार्वजनिक कुंजी (Public Key) और निजी कुंजी (Private Key)। इसे “की पेयर” कहा जाता है।

की पेयर गणितीय रूप से आपस में जुड़ी होती है। आप एक कुंजी को दूसरी कुंजी से अनुमान या प्राप्त नहीं कर सकते। एक कुंजी का उपयोग एन्क्रिप्शन के लिए किया जाता है, और उसी पेयर की दूसरी कुंजी ही डिक्रिप्शन के लिए उपयोग की जा सकती है। सार्वजनिक कुंजी को इंटरनेट, सोशल मीडिया या ईमेल जैसी सार्वजनिक जगहों पर साझा किया जाता है। निजी कुंजी गोपनीय होती है और इसलिए इसे बहुत सुरक्षित रखा जाता है।

असिमेट्रिक की एन्क्रिप्शन
असिमेट्रिक की एन्क्रिप्शन

मान लें कि सुंदर वेंकटेश को एक गुप्त संदेश भेजना चाहता है। सुंदर संदेश को वेंकटेश की सार्वजनिक कुंजी से एन्क्रिप्ट करेगा और साइफ़रटेक्स्ट को वेंकटेश को भेजेगा। चूँकि की पेयर गणितीय रूप से आपस में जुड़ी होती है, इसलिए केवल वेंकटेश की निजी कुंजी ही इस संदेश को डिक्रिप्ट कर सकती है। कोई अन्य कुंजी इसे डिक्रिप्ट नहीं कर सकती। वेंकटेश अपने निजी कुंजी का उपयोग करके संदेश को डिक्रिप्ट करेगा और मूल जानकारी को पुनः प्राप्त करेगा।

चूँकि एन्क्रिप्शन/डिक्रिप्शन प्रक्रिया में दो कुंजियों का उपयोग किया जाता है, इसे असिमेट्रिक की एन्क्रिप्शन कहा जाता है। इसे पब्लिक-की क्रिप्टोग्राफी भी कहा जाता है, क्योंकि सुरक्षित संवाद के लिए सार्वजनिक कुंजी साझा की जाती है।